आइए। विस्तार से इसके ऊपर बात करें कि राम मंदिर में दान चोरी के लिए सरकार जिम्मेदार है या हमारा नकारा सिस्टम जानते हैं इसके बारे में राम मंदिर के कर्मचारियों से पुलिस पूछतीछ कर रही है कि जो दान का चढ़ावा है उसमें किस प्रकार की हेरा फेरी हुई है और इसके लिए एक SIT टीम का गठन भी किया गया है जो की एक जांच का विषय है और इस विषय के बारे में उत्तर प्रदेश पुलिस बहुत जल्दी ही पता लगेगा क्योंकि यह एक बहुत संवेदनशील मुद्दा है जो कि लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ है
यह मुद्दा है अयोध्या के राम मंदिर का और यह आस्था के विषय पर भी एक बहुत बड़ी चोट है उनके साथ हुआ विश्वासघात का है कि राम मंदिर में दान पत्र में चोरी होना या दान की चोरी होना या एक दुर्भाग्य पूर्ण है क्योंकि लोग आस्था और भाव से मंदिर में दान करने जाते हैं और जब बात अयोध्या के राम मंदिर की हो तो उसकी प्रतिष्ठा और बढ़ जाती है जिसको लेकर लोग के अंदर एक अलग प्रकार का ही प्रेम है यह बात किसी से छुपी नहीं है के राम मंदिर आस्था का कितना बड़ा केंद्र बिंदु है।
यहाँ पर राम के आदर्श का उदाहरण दिया जाता है और उसी स्थान पर इस प्रकार का कार्य भी चल रहा है वह भी मंदिर में क्योंकि लोग दान आस्था से दीया करते हैं ना कि उसका गलत उपयोग करने के लिए जिसका कोई हिसाब न हो एक बड़ी चिंता का विषय है और एक सोचनीय विचार है कि लोगों की आस्था के साथ आज बहुत बड़ा खिलाड़ी बाबा लोग करने लग गए हैं जो एक गलत संदेश समाज को देता है कि लोगों का जो मंदिरों पर पूजारियों पर विश्वास है वहां पर भी अब ऐसा होगा तो लोग पूजा पाठ की जो पढ़ते हैं उसको कैसे एक सही तरीके से कर पाएंगे
इन सभी चीजों से लोगों की पूजा पद्धति और आस्था पर विश्वास कम होना शुरू हो जाता है जो एक बहुत बुरी बात है के लोगों को प्रतिष्ठित मंदिरों पर जो अपना एक विश्वास है वह भी लोग धीरे-धीरे काम हो रहा है क्योंकि राम अयोध्या के राम मंदिर में धन चोरी होना एक चिंता का विषय है मंदिर के कुछ पुजारियों की मिलिभागत होगी ऐसा कार्य सरकार और मंदिर के कुछ पुजारियों की मिलीभगत के बिना हो ही नहीं सकता मंदिर के दान पत्र में से पैसों की हेरा फेरी हो जाए और मंदिर समिति को पता ही ना चले इसमें सरकार के कुछ आला अधिकारी भी संयुक्त होंगे उनके द्वारा यह कार्यक्रम कराया गया होगा भले ही अगर सरकार सरकार यह कह दे कि इस बार का कोई पता नहीं था या अंदाज़ नहीं था कि मंदिर समिति के द्वार या सरकार के कुछ अधिकारी मंदिर के दान पत्र से पैसे गायब हो और जब बात 100 से 200 करोड़ की हो तब यह बात और बड़ी हो जाती है

